ज्योतिराव फूले की शैक्षिक विचार धारा एवम संघर्ष

  • सोनिया पटेल
  • डॉ.विपिन कुमार सिंह

Abstract

ज्योतिबा फूले, जिन्हें अक्सर ज्योतिराव फुले या महात्मा फूले के नाम से जाना जाता है, 19वीं सदी के भारत में एक प्रमुख समाज सुधारक और विचारक थे। शिक्षा में उनका योगदान, विशेषकर हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए, अभूतपूर्व और परिवर्तनकारी था।ज्योतिराव फूलेे (1827-1890) महाराष्ट्र के एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता, विचारक, जाति-विरोधी समाज सुधारक और लेखक थे। अपनी पत्नी सावित्रीबाई फूलेे के साथ, उन्हें महिलाओं की शिक्षा और निचली जातियों और हाशिये पर रहने वाले समुदायों की शिक्षा में उनके अग्रणी प्रयासों के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है। उनके काम ने भारत में गहरी जड़ें जमा चुकी सामाजिक पदानुक्रमों को चुनौती देते हुए एक अधिक समावेशी शैक्षिक प्रणाली की नींव रखी।
How to Cite
सोनिया पटेल, & डॉ.विपिन कुमार सिंह. (1). ज्योतिराव फूले की शैक्षिक विचार धारा एवम संघर्ष. Academic Social Research:(P),(E) ISSN: 2456-2645, Impact Factor: 6.209 Peer-Reviewed, International Refereed Journal, 10(2). Retrieved from http://asr.academicsocialresearch.co.in/index.php/ASR/article/view/839